कन्या बाबा केदारनाथ के समक्ष बैठी थी…. गौरी

शिव गुरु को राम-राम गुरु जी को राम-राम शिव शरणम प्रणाम गुरु जी गुरु जी आपके आशीर्वाद से केदारनाथ मानस साधना आनंदपुर संपन्न हुई गुरुदेव आपके द्वारा विधि द्वारा केदारनाथ धाम में पहुंची शिव अर्चन करते समय मेरा पूरा ध्यान केदारनाथ बाबा के शिवलिंग पर ही था उसके बाद कोई पीछे से आया और मेरे हाथों को पकड़ा उनके हाथों में महावर लगा हुआ था फिर शिवलिंग का उपाय मेरे हाथों को पकड़कर जैसे घी का लेप करते हैं उस तरीके से मेरे हाथों को करने लगी उसके बाद सामने की तरफ नजर गई सुबह कोई कन्या एक शिवलिंग हाथ में लेकर रोती हुई दिखाई दी जब मैं उस लड़की के पास गई तो अचानक से वह गायब हो गई उसके बाद एक दिव्य कन्या से और मुलाकात हुई उनके माथे पर एक चमकता हुआ पट्टा सा बना हुआ था पूरे सर पर उनके मस्तक में तीसरा नेत्र जैसी चमक रही थी और वो कन्या बाबा केदारनाथ के समक्ष ही बैठी थी फिर उन्होंने मेरे सर पर हाथ से लाया फिरों कहीं अचानक चली गई फिर शिवलिंग पर ही मेरा ध्यान था अचानक महादेव की तरह कोई नजर आता है वह अपने हाथों से आशीर्वाद देते हैं उनके हाथों से उर्जा निकलती रहती है मेरे सर के ऊपर वह उड़ जाती है गुरु जी आपका बहुत-बहुत धन्यवाद कोटि कोटि प्रणाम गुरु जी शिव शरणम