यक्षिणी साधना की अलौकिक अनुभूतियाँ – आदित्य कुमार

गुरुजी के साथ यक्षिणी साधना कर रहे आदित्य कुमार को भी साधना के दौरान दिव्य अनुभूतियां हुई । साधना के दौरान उन्हें देवी के आने का आभास हुआ । वट वृक्ष के नीचे साधना करते समय उन्हें देवी मां को अपने आसपास घूमता हुआ महसूस किया। देवी मां ने उनके माथे पर तिलक किया और देवी मां ने कहा कि मैंने तुम्हे संतान रूप में स्वीकार किया।

04/04/2021 8:38 PM
यक्षीणी साधना अनुभूति आदित्य कुमार, ऋषिकेश,
राम राम गुरुजी, चरणों में कोटी कोटी प्रणाम। मंत्र जप करतें ही देवी के आने का आभास हुआ। देवी मां मेरे पास आई, और मेरे माथे पे तिलक किया। देवी मां मेरे पूरे फेस पे, बालों पे अपनी उंगलियां फेर के प्यार कर रही थी, उन्होंने कहा , मैने तुम्हे संतान, रूप में स्वीकार किया, मैं तुम्हारे साथ हूं। देवी मां मेरे पीछे बैठ के मुझे अपनी ममता और प्यार दे रही थी, मेरी तरफ सामने से उन्होंने हवा के झोंको को लाया। फिर मैंने देखा कि देवी मां बाकी अन्य साधकों के पास भी गईं, मैने उन्हे “मां” कहकर पुकारा, तो वो अति शीघ्र मेरे समक्ष आकर बैठ गई, जैसे कह रही हो , “चिंता मत करो, मैं हू तुम्हारे साथ”. उन्होंने मेरे मस्तक पे दुबारा तिलक किया. पूरे आकाश में चंद्रमा की तीव्र रोशनी सी छाई हुई थी, मन को सुकून और बहुत सुख देने वाली अनुभूति हुई। 🌹 शिव शरणं 🌹 🌹 गुरु शरणं

05/04/2021 मॉर्निंग यक्षीणी साधन अनुभूत आदित्य कुमार, ऋषिकेश
राम राम गुरुजी कोटि कोटि प्रणाम। 1.आज बट वृक्ष के सामने साधना करने के दौरान , देवी आस पास घूम रही हो, ऐसा महसूस हो रहा था।
2.अचानक से कभी मेरे सामने आ जाती, कभी पीछे। 3.उन्होंने फुसफुसाकर मुझसे कुछ कहा जो की मुझे समझ में नहीं आया। देवी मां की छुवन महसूस हो रही थी, जैसे प्यार कर रही हो। मन में खुशी और उत्साह बना हुआ रहता है। 🌹 शिव शरणं 🌹 🌹 गुरु शरणं 🌹

05/04/2021 8:25 PM यक्षीणी साधना अनुभूति आदित्य कुमार, ऋषिकेश
राम राम गुरुजी चरणों में कोटि कोटि प्रणाम🌹🙏🙇🏻‍♂️🙏🌹 मंत्र जाप करने के बाद देवी का एहसास हुआ। शुरु करते ही देवी मेरे मांग पे अपनी उंगलियां फेर रही थी, बालों और फेस पे भी छू रही थीं। विपरीत दिशा से ठंडी ठंडी हवा भी आई। देवी आस पास घूम रही थी।
5.मेरी बाई ओर से उन्होंने कहा की मैं यहीं हूं। फिर अचानक से मेरे सामने आकर बैठ गई और मुझे प्यार से निहारने लगी। उनके चलने की जमीन पे आवाज आ रही थी। हवा की ठंडी ठंडी झोंके और देवी का सानिध्य बहुत सुख और सुकून दे रहा था। 🌹 शिव शरणं 🌹 🌹 गुरु शरणं 🌹

06/04/2021 8:05 AM यक्षीणी साधना अनुभूति अदित्य कुमार, ऋषिकेश
राम राम गुरुजी कोटि कोटि प्रणाम।साधना के दौरान देवी का एहसास हो रहा था। सफ़ेद कपड़े में ,आधी घूंघट किए एक बहुत सुंदर देवी दिखाई पड़ी। बहुत ठंडी ठंडी हवा के झोंके आ रहे थे। देवी के चलने का, आस पास घूमने का एहसास हो रहा था। वह फेस, बालों को छू रहीं थी। 🌹 शिव शरणं 🌹 🌹 गुरु शरणं 🌹

06/04/2021 9:25 PM
यक्षीणी साधना अनुभूत आदित्य कुमार, ऋषिकेश
राम राम गुरुजी कोटि कोटि प्रणाम मंत्र जप शुरू करते ही ऐसा लगा की जैसे देवी दरवाज़े से अंदर आकर मेरे समक्ष बैठ गई हो। मुझे घूर रहीं थी। जैसे ही देवी आई, वैसे ही ठंडी ठंडी हवा सामने से आने लगी। ऐसा लग रहा था की जैसे वह मेरे से बात करना चाह रही हो, कुछ कहना चाह रही हो। उन्होंने कहा की मैं यही हूं, और भी कुछ कह रही थी जो मैं समझ नही पाया। पैरों के चलने का आभास हो रहा था। 🌹 शिव शरणं 🌹 🌹 गुरु शरणं 🌹

07/04/2021 9.35 AM
यक्षीणी साधना अनुभूति आदित्य कुमार, ऋषिकेश
राम राम गुरुजी कोटि कोटि प्रणामकुछ माला हो जाने के बाद देवी का एहसास हुआ। उन्होंने कहा मैं आ गई हूं। लगातार रूप से रूम के अंदर हलचल हो रही थी। कुछ समय तक लगातार लाइट आ रही थी, जा रही थी, ब्लिंकिंग जैसे हो रहा था। मेरे सामने जमीन पे कुछ गिरने की जोर से आवाज आई। मोर की आवाज़ सुनाई दे रही थी। 🌹शिव शरणं🌹 🌹गुरु शरणं🌹