ज्योतिष संजीवनी विद्या के प्रयोग

ज्योतिष संजीवनी के प्रयोग-
ईशान कोण से सुगंध आ रही थी
घर का माहौल बदल गया है और सब आंनद में दिख रहे है

नीरजा,नोएडा
राम राम गुरुजी।
18 जून 21
गुरुजी आज 4 डे निरन्तर ब्रह्मस्थान ,ईशानकोण , पूर्वी मूख पर ऊर्जा खिड़की के निर्माण वास्तु ऊर्जा को उत्तम बनाने के लिए कर रही हूँ। सोच रही थी कि अभी और बेहतरीन परिणाम आये तब आपको एकसाथ लिखूंगी परन्तु आज का अनुभव भी बहुत दिव्य है।
ब्रह्मस्थान पर आज मुझे एक बहुत बलिष्ठ काठी की महिला दिखी लाल साड़ी ,बड़ी सी बिंदी लगाए और उनके हाथ में कुदाली थी जिससे खेत जोतते हैं और वह भूमि के नीचे की मिट्टी को बहुत ही बलपूर्वक खोद रही थी। उसके बाद मुझे गोल्डन रंग के बॉर्डर नजर आए भूमि के नीचे और राउंड ek circle भी । यह ऊर्जा कुंड था। इसके साथ ही मैंने देखा वह महिला उसने कुछ भर रखा हो बोर में जैसे उसे बहुत मेहनत करके बाहर फेंक रही है। इसके साथ साथ मेरे नाक में मेंथोल ,peppermint में एक तीव्र गन्ध सी प्रवेश करि और नाक में उर्जायो का प्रवाह हो गया। ईशान कोण से भी सुगन्ध आ रही थी। चिड़िया कोयल आज भी चहचहा रही थी।
और सबसे अद्भुत पूर्वी खिड़की पर जैसे ही मैन एक हाथ ऊपर उठाया ऊर्जा के लिए सूर्य देव बिल्कुल मेरे सिर पर उसी कोने में आ गए और मेरे ऊर्जा ग्रहण करने वाले हाथ पर उनकी हल्की हल्की गर्म किरणे पड़ रही थी। ठंडी हवा के झोंके चल रहे थे।
आज 3 दिन के बाद से घर की ऊर्जा भी बदली सी दिख रही है। घर में हल्का फुल्का माहौल है, सब आनंद में दिख रहे हैं। कोई शिकायत नही कर रहा । चेतना बदली हुई सी दिख रही है।पुनः से आभार आपको । ईश्वर मुझे अवसर भी दे और सक्षम भी बनाये की इस विद्या का उपयोग में दुसरो के जीवन को भी सुखी बनाये हेतु करूँ । जैसे आज मैं आपको लिखकर खुश हो रही हूँ वैसे ही कल दूसरे लोग लिखे मुझे अपनी सफलता ,मेरी यही कामना है।

ज्योतिष संजीवनी के प्रयोग-
ईशान कोण की नकारात्मक ऊर्जाओं को अस्तित्वहीन करके लक्ष्मी माँ की ऊर्जाओं की स्थापना
छत में से सुनहरे रंग की बारिश हो गयी
पूजा बडोला
देहरादून
18/06/21
ज्योतिष संजीवनी 2021
ईशान कोण की नकारात्मक ऊर्जाओं को अस्तित्वहीन करके लक्ष्मी मा की ऊर्जाओं की स्थापना
गुरुजी हमारे घर में ईशान कोण पर सीढियां हैं। आज यहां की सकारात्मक ऊर्जाओं को ऊर्जा कुंड से जोड़ने का अनुसंधान किया। बैठने पर जैसे कनेक्टिविटी बानी, तो गले और चेस्ट में इरिटेशन हुई, जो मंत्र जाप करते करते भारीपन में परिवर्तित हो गई। धीरे धीरे सीढियां पारदर्शी नीले रंग में बंद हुई फिर छत में से जैसे सुनहरे रंग की बारिश हो गयी। एक सुनहरी ऊर्जा का कॉलोम बन गया और वो ऊर्जा कुंड से एक पाइपलाइन तक बनता चला गया। और दर्द और भारीपन खत्म हुआ। अब समझ आया ईशान कोण में सीढिया क्यों नही बनती।
गुरुजी आपका अशेष धन्यवाद, छोटी आसान प्रक्रियाओं से घरों के बड़े वास्तु दोषों का निवारण बताने के लिए। प्रणाम गुरुजी🙏🌺🌺🌺🙇‍♀️🌺🌺🌺

ब्रह्म स्थान पर ऊर्जा कुंड स्थापना:
मन का डर खत्म हो गया
कमरे के बहार पायल की आवाज आयी
घर के वातावरण में हल्कापन आ गया

17/6/2021,Bramha Sthan pe urja kund stapna k anuvab….. Ranita Halder kolkata se 🙏 Pranam Ram Ram Guruji 🙏🌸 aj Brahma Sthan pe urja kund stapna kari hu.Sthapna ki suru me bahut hi problem arehi thi sankalp lene k hi andar hi 3 se 4 bar current off on huya. Mai pashim face ki room me rehti hu purab ki deewar pe koi bhi khidki darvaja nahin hai. Aj ghar ki vatabharan me kuchh bhari jase feel ho rehi thi.Aur andar se dar Jaise feeling ho rahi thi. Dharti Mata ki mantra jaap karte samay 1st sukar(pig) jase prani ko vagte hui dehki.kuch der baad Dharti Mata ko Mata kamola k rup me patal se upar ki taraf uthte huye darson hui.achanak meri Anahata chakra pe halchal hui aur dil joro se dharak ne lagi. Iske baad patal me Agni prajwalit yagya kund najar aaya aur ascharjya ki baat prajwalit yagya kund ki Charon taraf Rashi Rashi Swarna mudra ki dher vistar thi. Yagya kund ki Agni ki karan bho sab chamak rahi thi. Is samoy meri room ki vatabharan me ek halki pan mahsoos kar pa rahi thi.mon me dar bhi khatam ho gei thi.bahut sari sundar drishya dekhai de rehi thi .thik isi somoy meri room ki door ki bahar payel ki 2 bar chhanak chhanak aawaj aayi .meri aankhein khul gei. Phirse mai Aankhen band kar li. Phir Ek bar halki se Payal ki awaaz hui aur bandh ho gei.Is jyotish Sanjivani Vidya se jo gyan mujhe prapt hui he Guruji 🙏🌸 iske liye mai aap ko bahut bahut abhar gyapan korti hu 🙏 mai kabhi bhi is Vidya se avgat nei thi aapki hi vajah se is Anmol gyan mujhe prapt hui he. iske liye Guru ji aapko bahut bahut dhanyavad gyapan korti hu 🙏🌸 Ram Ram pranam Guruji 🙏🌸 Ranita Halder, kolkata 🙏

ज्योतिष संजीवनी के प्रयोग- ब्रह्म स्थान पर उर्जा कुंड स्थापना: very powerful टेक्निक… डॉ राजकुमारी सचदेवा, इंदौर
Ram ram Guruji, shiv sharanam 🙏🙏🌹🌹 Aaj maine apne ghar me brahm kund ki sthapana ki ,mere crown se bahut fast pole of light spine ke through jatte hue mehsus hui,pahle orange red prana the,phir golden ,green & bluish prana ,energy ka flow itna tej tha ki mera nichale hisse me vibrations throughout 10 min feel hue,phir jab dharti maa ko dhanyawad diya ,tab vibrations stop hue. Whole body is filled with energy aisa lag raha he,very powerful technique.
Thank you Guruji for teaching such precious knowledge of the divine

ज्योतिष संजीवनी विद्या के प्रयोग: ब्रह्मस्थान में उर्जा कुंड स्थापित करने पर घर की शक्तियां सकारात्मक हो गयी…पूजा बडोला, देहरादून
16/06/21

प्रणाम गुरुजी💐💐🙇‍♀💐 आज घर में ब्रह्मस्थान पर ऊर्जा कुंड की स्थापना करि। बैठने के थोड़ी देर में गर्दन और सिर में अजीब भारीपन और दर्द उठ गया, अक्षर दिखा ‘लं’ धरती के भीतर एक स्वर्ण सिंघासन टूटा हुआ दिखा। काफी नेगटिव चीज़ें दिखी, फिर वो सब जैसे रिप्लेस हो गया और उसके स्थान पर अन्य स्वर्ण पूजा सामग्री आगयी। मैंने अपनी माँ को रोते देखा और मुझे आभास हुआ, उन्हें यहां शारीरिक और मानसिक तनाव दोनो हुये हैं। ऊर्जा का फ्लो बहुत था मानो पूरा शरीर हिल रहा हो। आखिर में स्वर्ण वर्ण की देवी हरे वस्त्र पहने स्थापित दिखाई दी, एक सोने की चौकी पर एक घंटी, चरण पादुकाएं और सोने का कमल दिखा जिसमे से सुंदर लाल फूल उगे हुए थे। साथ बैठी मेरी माँ को भी एनर्जी का फ्लो महसूस हुआ गुरुजी। सिर दर्द गायब हो गया। मुझे पूरा विश्वास है गुरुजी, इस विद्या से सकारात्मकता की स्थापना होगी ही होगी।
धन्यवाद गुरुजी, ऐसा अद्भुत ज्ञान देने के लिए

ज्योतिष संजीवनी विद्या प्रयोग: घर में उर्जा कुंड स्थापना से वर्षों की नकारात्मकता हटी तो घर की ऊर्जाएं चहक उठीं…
नीरजा,नोएडा 16 जून 21

राम राम गुरुजी। गुरुजी आज भी मैंने ब्रह्मकुंड की ,ईशान कोण ,और पश्चिम दिशा में ऊर्जा खिड़की की स्थापना करी घर में । आज किसी भी स्थान से कोई दुर्गन्ध नही आई। कोयल,चिड़िया और अन्य पक्षियों का भी मधुर स्वर आज गूंज रहा था , बल्कि आज चिड़ियों का गुंजन और अन्य पक्षियों का गुंजन का स्वर बहुत अलग था। मुझे अपने घर के ब्रह्मस्थान में एक पुरुष का चेहरा दिखा जो पहले uneasy से था परन्तु बाद में रिलैक्स होता जा रहा था। कुछ geometrical figures भी दिख रही थी ,जैसे नक्शा होता है और वहां गोल्डन रंग भरता हुआ भी दिख रहा था। आसपास से चूड़ियों के खनकने की आवाज भी आ सुनाई दी। ईशान कोण के लिए मैं जिस जगह बैठी थी आज वहाँ पर पिंक colour के फ्रेश फूल कही से आकर गिरे हुए थे उस समय। और शुरू में आरी चलने की आवाज आई जो बाद में बंद हो गयी ,उसके बाद आसपास से चूड़ियों ,घुंघुरू की आवाज आई और थोड़ी देर के पानी का नल भी उसी समय किसी ने चलाया। पश्चिम दिशा की ऊर्जा खिड़की के समय भी ऐसे ही शुभ संकेत दिखे और खिड़की बनने के बाद तेज ठंडी हवा का झोंका आया जो आस पास की हवा से बिल्कुल अलग अनुभव हुआ। गुरुजी एक दिव्य अनुभूति और है जो कई दिन से दिख तो रही थी परन्तु आज इतनी स्पष्ट है कि लिखे बिना नही रह पाए रही। मेरी दोनों कलाई पर मन्त्र संजीवनी रुद्राक्ष बंधे हैं और दोनों पर ही कुछ छोटे छोटे सिल्वर स्पार्कल आ रहे हैं। आज तो एक कलाई पर बहुत ही ज्यादा आ रखे हैं। यह छोटे छोटे चमकते कण देवदूतों की उपस्थिति करा रहे हैं निरन्तर। धन्यवाद।

ज्योतिष संजीवनी विद्या के प्रयोग से घर में छिपी गन्दी ऊर्जाओं का निष्कासन, कोयल का स्वर गुंजा…नीरजा,नोएडा
15 जून 21

राम राम गुरुजी। आज भी मैंने वास्तु ऊर्जा को उत्तम करने के लिए अपने घर में ब्रह्मस्थान और ईशान कोण में आपके द्वारा सिखाये गए ऊर्जा कुंड को स्थापित किया। आज सुबह जब मैं ब्रह्मस्थान पर बैठी थी ,क्योंकि वहां हमारी dining टेबल है तो वहां मुझे vomiting जैसी दुर्गन्ध आयी । जब मैने प्रोसेस किया शुरू तो सबसे पहले मुझे सूक्ष्म vomit हुई और जैसे ही मैंने मन्त्र शुरू किया मेरे पूरे शरीर में बिजली सी तेज ऊर्जा प्रवाहित होनी शुरू हुई। मुझे ताजे कड़ी पत्ते की भी महक आ रही थी और बाहर जोर जोर से कोयल का स्वर आ रहा था। आज मुझे ऐसा लगा कि धरती की लाल ऊर्जा जो मूलाधार चक्र में भी होती है उसका शोधन हो रहा था ,क्योंकि मेरे पूरे चेहरे पर गर्माहट महसूस हो रही थी।
ईशान कोण में जब मैने मन्त्र जाप किया तो आज भी कोयल का मधुर स्वर ,ठंडी हवा चल रही थी। शुरू में नाले की गंदी महक आ रही थी परन्तु धीरे धीरे वह समाप्त हो गयी। साथ वाले घर से आज एक तेज धारी धार आवाज भी आ रही थी ,जिसका मैने यह अर्थ समझ की तेज इलेक्ट्रिक वॉयलेट वाली उर्जायें उस दिशा की नकरात्मकता को काट रही हैं। और एक अद्भुत अनुभव मुझे बन्द आंखों से कुछ छोटी छोटी लडकिया भूरे रंग के कपड़े में ,सुंदर गोर वर्ण पर मिट्टी लगे हुए दिखी जिनके हाथ में duster थे और वह उस स्थान की धूल हटा रही थी।
यह पूरी अनुभूति लिखना बहुत कठिन है गुरुजी क्योंकि हर अहसास को शब्द नहीं मिल सकते हैं। पूरे समय इस क्रिया में ईश्वर के साथ साथ आपके प्रति भी ह्रदय से आभार निकल रहा था। बिना यंत्रो से,तोड़ फोड़ से ,अधिक पूजा अनुष्ठान से हमें पूर्ण सुरक्षा प्रदान करते हुए यह अमूल्य ज्ञान जो सिखाया है आपने वह हमारे लिए अनमोल है। मुझे विश्वास है कि इससे बहुत ही अच्छे नतीजे सामने आएंगे कुछ ही समय में । आपको अवश्य ही खुशखबरी दूँगी।😍

ज्योतिष संजीवनी विद्या का असरदार प्रयोग: वास्तु उर्जा कुंड का निर्माण करने पर पक्षी चहकने लगे…… नीरजा,नोएडा
14 जून 21

राम राम गुरुजी गुरुजी ज्योतिष क्लास में बताए गए वास्तु उर्जायो को स्वस्थ करने के लिए जो आपने सिखाया था आज उस पूरे प्रोसेस को मैने किया। अपने घर के ब्रह्मस्थान पर जब मैने उर्जायो को डाला तो मुझे उर्जायो के सन्देश से पता चला कि स्थान पर रहने वाले लोगो के दाँत में दिक्कत हैं,हड्डियों में भी दिक्कत है,नर्वस भी स्ट्रांग नही है और तीन चक्रो मूलाधार,स्वाधिस्ठान,और मणिपुर भी उर्जायो से कमजोर हैं। मणिपुर चक्र की गति बहुत ही तेज है। गुरुजी यह पूरे विधान को जैसे ही मैंने शुरू किया था तब एनर्जी मेरे दांतो में गयी और मेरे मुंह में किरकिरी जैसे आयी। मेरे भी दांतो में दर्द रहता है नर्वस की कमजोरी के कारण । और घांस की गीली सुगन्ध आयी। गले के दोनों गलकण्डो में भी एनर्जी जा रही थी । उसके बाद मैंने ईशान कोण का उपचार किया क्योंकि हमारे वहां सेप्टी टैंक बना है और एक रूम है जिसे हम स्टोर की तरह उपयोग करते हैं। वहां उर्जायें डालने के साथ ही मेरे अनाहत और विशुद्धि चक्र में बहुत एनर्जी प्रवाहित हुई। शुरू में नाले की दुर्गंध आनी शुरू हुई और मेरे दोनों पैर धरती से ऐसा लगा कि चिपक गए । मेरे आज्ञा चक्र के पीछे वाला चक्र से भी एनर्जी relese हो रही थी उस समय। और प्रकृति का प्रेम भी देखने को मिला जैसे ,आसपास कोयल और चिड़ियों का स्वर शुरू हो गया, ठंडी ठंडी हवा बहने लगी और साथ वाले घर से किसी ने english music शुरू कर दिया । मेरी आँखों से भी आसूं निकल रहे थे । लग रहा था कि यह स्थान इतने समय बाद जो चाह रहा है उसे आज मिला और मैंने इस स्थान के लिए आज कुछ किया है। प्रोसेस पूरा होने के बाद सब तरफ गहरी शांति सी महसूस हुई और लगा कि यह स्थान अब सभी के लिए सुखकारी हो गया है। पूरे विधान में मुश्किल से 15 मिंट लगे और बता नही सकती कि आपके इस अमूल्य विद्या के ज्ञान ने मुझे बेहद आत्मिक शांति और सन्तुष्टि पहुंचाई है। शरीर में बहुत जगह मेरे दर्द होता है जिनके कारण समझने का मैं बहुत दिनों से प्रयास कर रही थी। आज उनका उत्तर और समाधान मिल गया है। आपको हृदय से वंदन.आभार🙏🙏💓💓💓